Posts

समाज की रूढ़ीवादी परंपराएं भक्ति मार्ग में बाधक

Image
समाज की रूढ़ीवादी परंपराएं भक्ति मार्ग में बाधक आज के समय में सामाजिक रूढ़ीवादी रीति रिवाज और पाखंड परंपराएं इतनी ज्यादा प्रचलन में है कि हम मध्यम स्तर के लोग अपने ही बनाए हुए इस मकड़जाल में अब फंसते जा रहे हैं। और अभी स्थिति इतनी जटिल हो चुकी है कि यदि हम समय रहते इनसे निकलने का प्रयास नहीं करेंगे तो हमारा यह अनमोल मनुष्य जीवन इसी मकड़ी जाल में फंस कर एक दिन समाप्त हो जाएगा।  आज का चर्चा का विषय इन्हीं सामाजिक रीति रिवाजों से निकलने के बारे में है...!!👇👇 इनसे निकलने के लिए हमें एक सुनियोजित तरीके से आध्यात्मिक मार्ग पर चलना होगा अर्थात हमें हमारे सद ग्रंथों को हमारे जीवन में उतार कर उसके अनुरूप भक्ति साधना करनी होगी जो हमें उस पूर्ण परमात्मा से परिचित करवा सके तथा हमारे अनमोल जीवन का मोल हम समझ सके।  दहेज प्रथा..!! विवाह में अत्यधिक फिजूल खर्च किया जाना..! सामाजिक रूढ़ीवादी परंपराएं जो शास्त्र विरुद्ध हैं..!! तत्वज्ञान के अभाव में नशीली पदार्थों का सेवन कर अपना मनुष्य जीवन बर्बाद करना..!! इत्यादि। ऐसी बहुत सी समस्याएं हैं जो आज हम तत्व ज्ञान के अभाव में करते आ...